当前位置:主页 > 郴州 >

我和僵尸有个约会2

'...तो दंगों में सारा गुजरात जल जाता', जानिए पीएम मोदी के किस फैसले के मुरीद हुए सिख नेता_我的网站

失业生

A |     《日报》全媒体记者 张宝程报道             近期,兴城市遭受连续强降雨,部分乡镇、街道遭受洪涝,群众生产生活受到影响。兴城市红十字会反应迅速,及时发放救援物资,惠及500余户群众。                     强降雨发生后,兴城市红十字会迅速启动应急救助预案,沟通协调当地应急管理、气象、水务等部门,收集掌握信息和群众物资需求,及时取得上级红十字会等部门支持,确保救援物资组织到位。截至8月8日,兴城市红十字会累计发放帐篷15顶、赈济家庭箱575个,惠及24个乡镇500余户群众,满足他们临时居住和基本生活需求。                     期间,兴城市红十字会还动员全市数百名志愿者,深入一线帮助搬运、发放救援物资,并参加清淤、排水等工作,传承“人道、博爱、奉献”的红十字精神,全力参与和推动兴城市防汛救灾和灾后恢复工作。    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व राज्यसभा सांसद और सिख मामलों के जानकार तिरलोचन सिंह ने 2002 गुजरात दंगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (उस वक्त के मुख्यमंत्री) की भूमिका की जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि अगर पीएम मोदी ने इस मामले को नहीं संभाला होता तो पूरा गुजरात ही जल गया होता।,न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "यह दंगा साबरमती एक्सप्रेस अग्निकांड से उपजे गुस्से का नतीजा था और अगर नरेंद्र मोदी ने इसे अच्छे से नहीं संभाला होता तो पूरा गुजरात ही जल गया होता।",उन्होंने कहा, "ट्रेन में जिंदा जले लोगों के शवों को उनके परिजन गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इन लोगों का अंतिम संस्कार वहीं करवा दिया। अगर ये शव गांवों तक पहुंच जाते तो सोचिए क्या होता? कितना गुस्सा भड़कता? पूरा गुजरात ही जल जाता लेकिन नरेंद्र मोदी ने साहस दिखाया और ऐसा नहीं होने दिया।",सिख नेता ने कहा, "2002 का दंगा जनता के गुस्से से उपजा था और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। मोदी ने इतना बड़ा काम किया किसी ने इसे हाइलाइट नहीं किया।" गौरतलब है कि गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे और तरलोचन सिंह अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष थे। उनका कहना है कि गुजरात दंगा 1984 में दिल्ली में हुए दंगों की तरह प्रयाजित नहीं थे।,यह भी पढ़ें- 'आपसे कोई खफा है, लेकिन आप संभाल लेंगे'; टैरिफ वॉर के बीच पीएम मोदी से बोले फिजी के प्रधानमंत्री。

B |

Current article:http://www.ninyakenhongnian.sbs/2a3med/ao8g.html

Published on:11:29:42


Copyright @ 2016-2017 我的网站 版权所有